CBFC के नए बोर्ड में नियुक्ति की खबर को लेकर Scroll की रिपोर्ट पर विवेक अग्निहोत्री ने जताई कड़ी आपत्ति, बोले- “यह पत्रकारिता नहीं, पितृसत्ता है”
नई दिल्ली: अभिनेत्री और फिल्म निर्माता पल्लवी जोशी को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के नए बोर्ड में शामिल किए जाने के बाद उनकी पहचान को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। Scroll.in की रिपोर्ट में पल्लवी जोशी का परिचय “outgoing board member and filmmaker Vivek Agnihotri की पत्नी” के तौर पर दिए जाने पर फिल्ममेकर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
अग्निहोत्री ने X पर Scroll.in और रिपोर्ट से जुड़े पत्रकारों को टैग करते हुए इस तरह की पत्रकारिता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने अपनी पोस्ट में पल्लवी जोशी के लंबे फिल्मी करियर और उनकी स्वतंत्र पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें किसी की पत्नी के रूप में परिभाषित करने के बजाय उनकी अपनी उपलब्धियों के आधार पर पहचाना जाना चाहिए।
‘चार नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी हैं पल्लवी जोशी’
अग्निहोत्री ने अपने पोस्ट की शुरुआत बेहद तीखे अंदाज में की। उन्होंने लिखा कि यह किस तरह की “third-rate, malicious and deeply misogynistic journalism” है।
इसके बाद उन्होंने पल्लवी जोशी के करियर का जिक्र करते हुए कहा कि वह चार नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी अभिनेत्री हैं और उन्होंने महज चार साल की उम्र में अभिनय शुरू कर दिया था।
अग्निहोत्री ने यह भी कहा कि जब पल्लवी जोशी भारत की सबसे पहचानी जाने वाली टेलीविजन कलाकारों में से एक बन चुकी थीं, तब इस खबर को लिखने वाले कई पत्रकार पैदा भी नहीं हुए थे।
‘पल्लवी ने चार दशक में अपनी पहचान खुद बनाई’
विवेक अग्निहोत्री ने अपने पोस्ट में पल्लवी जोशी के अभिनय के साथ-साथ उनके प्रोडक्शन करियर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब पल्लवी जोशी ने ‘Arohan’ नामक महिलाओं पर केंद्रित टेलीविजन शो का निर्माण किया था, तब वह खुद प्रोडक्शन के क्षेत्र में बिल्कुल नए थे। अग्निहोत्री ने सवाल उठाया कि इतने लंबे और स्वतंत्र करियर वाली महिला के बारे में लिखते समय उन्हें मुख्य रूप से “filmmaker Vivek Agnihotri की पत्नी” के तौर पर पेश करना क्यों जरूरी था।
क्या महिला की अपनी उपलब्धियां उसकी पहचान के लिए काफी नहीं?
अग्निहोत्री ने आगे लिखा कि ऐसा लगता है जैसे किसी महिला की अपनी उपलब्धियां उसकी पहचान स्थापित करने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जातीं। उनके मुताबिक, पल्लवी जोशी ने किसी से अपनी पहचान उधार नहीं ली है। उन्होंने करीब चार दशकों के दौरान अभिनय, टेलीविजन, सिनेमा और प्रोडक्शन के क्षेत्र में काम करके अपनी पहचान बनाई है।
उन्होंने यह भी कहा कि पल्लवी जोशी ने कभी अपने पति के उपनाम के सहारे खुद को स्थापित करने या किसी से अपनी पहचान की पुष्टि करवाने की जरूरत महसूस नहीं की।
‘समस्या पल्लवी जोशी में नहीं, नजरिए में है’
अग्निहोत्री ने अपने पोस्ट में पत्रकारिता के उस नजरिए पर भी सवाल उठाया जिसमें किसी महिला की पहचान उसके पति के संदर्भ में तय की जाती है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी स्वतंत्र और सफल महिला को उसकी अपनी शर्तों और उपलब्धियों के आधार पर पहचानने के बजाय उसे उसके पति के जरिए परिभाषित करना जरूरी लगता है, तो समस्या पल्लवी जोशी में नहीं, बल्कि उस “deeply patriarchal lens” में है जिसके जरिए कहानी लिखी गई।
Agnihotri ने सुझाया कि हेडलाइन कैसी हो सकती थी
अपने पोस्ट के अंत में विवेक अग्निहोत्री ने यह भी बताया कि उनके मुताबिक पल्लवी जोशी के बारे में खबर की शुरुआत किस तरह की जा सकती थी।
उन्होंने पल्लवी जोशी को उनके करियर और उपलब्धियों के आधार पर पेश करने का सुझाव दिया—जिसमें उनके चार दशक लंबे करियर, राष्ट्रीय पुरस्कारों, टेलीविजन, फिल्मों और प्रोडक्शन में उनके योगदान का उल्लेख हो।
उनका तर्क था कि इस तरह की पहचान पल्लवी जोशी की अपनी पेशेवर यात्रा को सामने रखती, जबकि मौजूदा परिचय में उनके पति के साथ उनके रिश्ते को प्रमुखता दी गई।
CBFC के नए बोर्ड में पल्लवी जोशी समेत 18 सदस्य
दरअसल, केंद्र सरकार ने बुधवार को CBFC के 18 सदस्यीय नए बोर्ड का गठन किया है। इसमें पल्लवी जोशी के अलावा प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी, सुनील शेट्टी और रूपाली गांगुली समेत फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े कई नाम शामिल हैं।
Scroll की रिपोर्ट के मुताबिक, नए बोर्ड में निर्देशक प्रियदर्शन, प्रोसेनजीत चटर्जी और नीला माधब पांडा, अभिनेता मनोज जोशी और अन्य सदस्य भी शामिल हैं। नए बोर्ड का कार्यकाल तीन साल या अगले आदेश तक रहेगा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पल्लवी जोशी The Kashmir Files की निर्माता और कलाकारों में शामिल रही हैं।
