वाराणसी: काशी सिर्फ मंदिरों, घाटों और गंगा आरती के लिए ही मशहूर नहीं है। बनारस के आसपास का इलाका प्रकृति प्रेमियों के लिए भी कई खूबसूरत जगहें समेटे हुए है। शहर से कुछ दूरी तय करने पर ऐसे झरने मिलते हैं, जहां हरियाली, पहाड़ और गिरता हुआ पानी मिलकर किसी शानदार हिल स्टेशन जैसा माहौल बना देते हैं।
अगर आप वाराणसी में रहते हैं या काशी घूमने का प्लान बना रहे हैं और भीड़भाड़ से दूर एक दिन प्रकृति के बीच बिताना चाहते हैं, तो देवदारी, लखनिया दरी, विन्धम, राजदरी और टांडा वॉटरफॉल अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
देवदारी वॉटरफॉल: चंदौली में प्रकृति का शानदार नजारा
वाराणसी से करीब 65 किलोमीटर दूर चंदौली के कैमूर क्षेत्र में स्थित देवदारी वॉटरफॉल हरियाली और चट्टानों के बीच गिरते पानी के लिए जाना जाता है। करीब 58 मीटर की ऊंचाई से गिरता झरना बारिश के मौसम में खास आकर्षण बन जाता है।
पता: कैमूर हिल्स, चंदौली
एंट्री: उपलब्ध जानकारी के अनुसार निशुल्क
यह जगह परिवार और दोस्तों के साथ डे-ट्रिप के लिए आकर्षक विकल्प हो सकती है। हालांकि बरसात में चट्टानों और पानी के आसपास फिसलन को देखते हुए सावधानी जरूरी है।

लखनिया दरी: एडवेंचर पसंद है तो जरूर जाएं
लखनिया दरी वॉटरफॉल वाराणसी से करीब 48 किलोमीटर दूर लतीफपुर इलाके में है। यहां पहुंचने के लिए कुछ दूरी पैदल तय करनी पड़ती है, इसलिए यह जगह उन लोगों को ज्यादा पसंद आती है जिन्हें प्राकृतिक नजारों के साथ थोड़ा एडवेंचर भी पसंद है।
समय: सुबह 6 बजे से शाम 6:30 बजे तक
एंट्री: उपलब्ध जानकारी के अनुसार निशुल्क
यहां जाते समय ग्रिप वाले जूते पहनना बेहतर रहेगा, क्योंकि रास्ते में चट्टानी और फिसलन वाले हिस्से मिल सकते हैं। स्थानीय जानकारी के अनुसार यहां पहुंचने के लिए ट्रेकिंग करनी पड़ सकती है।

विन्धम वॉटरफॉल: मिर्जापुर का लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट
वाराणसी से करीब 90 किलोमीटर दूर मिर्जापुर में स्थित विन्धम वॉटरफॉल भी प्रकृति प्रेमियों के बीच लोकप्रिय है। झरने और आसपास के प्राकृतिक वातावरण की वजह से यह दोस्तों और परिवार के साथ घूमने के लिए पसंद किया जाता है।
समय: सुबह 6 बजे से शाम 6:30 बजे तक
एंट्री: उपलब्ध जानकारी के अनुसार निशुल्क
झरने के पास फोटो या रील बनाने के चक्कर में पानी और चट्टानों के बेहद करीब जाना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है।

राजदरी वॉटरफॉल: हरियाली के बीच सुकून
चंदौली का राजदरी वॉटरफॉल वाराणसी से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर बताया जाता है। चट्टानों से नीचे गिरता पानी और आसपास का प्राकृतिक वातावरण इसे पिकनिक और वीकेंड आउटिंग के लिए लोकप्रिय बनाता है। बारिश के दिनों में पानी का बहाव तेज हो सकता है। ऐसे में झरने के भीतर जाने या तेज बहाव वाले हिस्सों में उतरने से बचना चाहिए।
टांडा वॉटरफॉल: बारिश में बढ़ जाती है खूबसूरती
मिर्जापुर का टांडा वॉटरफॉल वाराणसी से करीब 80 किलोमीटर दूर है। शांत वातावरण और हरियाली के कारण यह जगह उन लोगों के लिए आकर्षक है जो शहर की भागदौड़ से कुछ समय के लिए दूर जाना चाहते हैं। बारिश के मौसम में यहां का प्राकृतिक दृश्य और ज्यादा खूबसूरत हो जाता है। अगर आप मानसून में यहां जाने का प्लान बना रहे हैं, तो मौसम और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेकर निकलना बेहतर होगा।

वाराणसी से वीकेंड ट्रिप के लिए क्यों खास हैं ये जगहें?
काशी आने वाले ज्यादातर पर्यटक मंदिरों और घाटों तक सीमित रहते हैं, लेकिन शहर के आसपास का विंध्य और कैमूर क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इन झरनों की खासियत यह है कि कई जगहों पर हरियाली, पहाड़, चट्टानें और पानी एक साथ देखने को मिलते हैं।
उत्तर प्रदेश इकोटूरिज्म की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, चंदौली-मिर्जापुर क्षेत्र में कई प्राकृतिक और पर्यटन स्थल हैं और वाराणसी से इस क्षेत्र तक सड़क संपर्क भी उपलब्ध है।
