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श्रीनगर में गूंजा पूरा ‘वंदे मातरम्’, CM उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला रहे खड़े

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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में आयोजित पहले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम्’ (Vande Mataram)को लेकर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सियासी हलकों का ध्यान खींच लिया। श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण बजाया गया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah), उनके पिता और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला समेत कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख लोग सम्मान में खड़े रहे।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब देश में ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण को लेकर राजनीतिक बहस चल रही है। ऐसे में नेशनल कॉन्फ्रेंस के शीर्ष नेताओं का पूरे गीत के दौरान खड़े रहना खासा चर्चा में आ गया है।

तीन मिनट से ज्यादा चला पूरा गीत

श्रीनगर में सोमवार शाम जम्मू-कश्मीर के पहले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण बजाया गया, जिसकी अवधि करीब 3 मिनट 10 सेकंड बताई गई है। उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला पूरे समय सम्मान में खड़े रहे। इसके बाद राष्ट्रगान भी बजाया गया। कार्यक्रम में मौजूद अन्य गणमान्य लोगों ने भी दोनों प्रस्तुतियों के दौरान सम्मान व्यक्त किया।

कांग्रेस के रुख से क्यों हो रही तुलना?

‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल नेशनल कॉन्फ्रेंस के रुख में अंतर ने इस पूरे घटनाक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया है।

रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस ने 1937 के अपने प्रस्ताव के अनुरूप गीत के दो छंदों वाले संस्करण पर अपना रुख कायम रखा है। पार्टी की ओर से इसका आधार धार्मिक और सामाजिक सद्भाव से जुड़ा बताया गया है। वहीं श्रीनगर के कार्यक्रम में नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख नेताओं ने पूरे गीत के दौरान खड़े रहकर सम्मान जताया।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज

कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस घटना पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। पत्रकार जफर चौधरी ने भी इस दृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि जब दिल्ली में ‘वंदे मातरम्’ के कितने हिस्से को गाया जाए, इसे लेकर बहस चल रही है, वहीं कश्मीर में पूरा गीत बजने के बाद राष्ट्रगान भी हुआ।

कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उमर और फारूक अब्दुल्ला के पूरे गीत के दौरान खड़े रहने की तारीफ की, जबकि कुछ ने इसे कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच राजनीतिक मतभेद से जोड़कर देखा।

फिल्म फेस्टिवल में दिखा बदला हुआ कश्मीर

इस पूरे घटनाक्रम की एक और खास बात यह है कि यह जम्मू-कश्मीर के पहले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में हुआ। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मौके पर कश्मीर के पुराने फिल्मी इतिहास का भी जिक्र किया और घाटी में दोबारा बड़े स्तर पर फिल्मों की शूटिंग शुरू होने की उम्मीद जताई।

उमर अब्दुल्ला ने कश्मीर के साथ बॉलीवुड के पुराने रिश्ते का उल्लेख करते हुए ‘कभी कभी’, ‘आंधी’, ‘चांदनी’, ‘रॉकस्टार’, ‘हाईवे’ और ‘बजरंगी भाईजान’ जैसी फिल्मों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि कश्मीर लंबे समय से फिल्मकारों की पसंद रहा है और इस रिश्ते को फिर मजबूत करने की जरूरत है।