नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और एक पाकिस्तानी पत्रकार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। एक प्रेस इंटरैक्शन के दौरान पत्रकार ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को प्रायोजित करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया। इसके जवाब में जयशंकर ने कहा, “एक आतंकी देश मुझसे ये सवाल पूछ रहा है।”
जयशंकर का यह जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया। यह घटनाक्रम 25 सितंबर 2026 को UNGA के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम के इतर हुआ।
पाकिस्तानी पत्रकार ने क्या पूछा?
प्रेस बातचीत के दौरान पाकिस्तानी पत्रकार ने जयशंकर से सवाल किया कि भारत सरकार पाकिस्तान में आतंकवाद को कथित तौर पर समर्थन देना कब बंद करेगी। पत्रकार ने भारत पर ‘प्रॉक्सी टेररिज्म’ को प्रायोजित करने का आरोप भी लगाया।
सवाल सुनने के बाद जयशंकर ने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, “एक आतंकी देश मुझसे ये सवाल पूछ रहा है।” इसके बाद वह वहां से चले गए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है।
UNGA के दौरान हुआ घटनाक्रम
यह पूरा मामला संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में हुआ। जयशंकर इस दौरान भारत के प्रतिनिधिमंडल के साथ कई बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं।
इससे पहले उन्होंने समुद्री सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा से जुड़े एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। वहां भारत ने समुद्र में नाविकों पर होने वाले हमलों को रोकने की जरूरत पर जोर दिया।
समुद्री सुरक्षा पर भी भारत का जोर
जयशंकर ने कहा कि समुद्र में हिंसा और जान-माल के नुकसान को किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने बताया कि भारत ने समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर लाइबेरिया और अन्य समान विचार वाले देशों के साथ मिलकर पहल की है।
उन्होंने बताया कि ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ की पहली बैठक में 25 देश शामिल हुए। इस पहल का उद्देश्य समुद्री कर्मचारियों और वैश्विक वाणिज्यिक शिपिंग उद्योग से जुड़े मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक ध्यान आकर्षित करना है।
जयशंकर का बयान क्यों चर्चा में है?
भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर लंबे समय से आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। ऐसे माहौल में UNGA जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच के दौरान पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर जयशंकर की प्रतिक्रिया ने ध्यान खींचा है।
हालांकि, जयशंकर का यह बयान उनके जवाब के संदर्भ में दिया गया एक राजनीतिक वक्तव्य है। इसे पाकिस्तान की आधिकारिक स्थिति या किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। पाकिस्तानी पक्ष भारत पर लगाए गए ऐसे आरोपों को लेकर अलग रुख रखता है।








