DUSU Election Result 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 के नतीजों में ABVP ने चार में से तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने जीत हासिल की। वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन विजयी रहे।
इन नतीजों पर शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने विपक्षी एकता को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद सत्र के दौरान तो एकजुट नजर आता है, लेकिन सत्र खत्म होने के बाद सभी अपनी-अपनी दिशा में चले जाते हैं।
DUSU चुनाव में ABVP ने जीतीं तीन सीटें
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के चार केंद्रीय पदों में से तीन पर ABVP के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। यश डबास ने अध्यक्ष पद पर 24,576 वोट हासिल किए और NSUI के विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले। सचिव पद पर ABVP की रिया छाबड़ी ने 21,650 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह 16,615 वोट के साथ विजयी रहे।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन की जीत
उपाध्यक्ष पद का नतीजा बाकी तीन पदों से अलग रहा। निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। ABVP के इशू मौर्या को 16,910 वोट मिले, जबकि NSUI के वीर छतरथ को 4,313 वोट मिले। शौकीन पहले NSUI से जुड़े रहे थे और चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे थे।
प्रियंका चतुर्वेदी ने विपक्षी एकता पर क्या कहा?
DUSU चुनाव के नतीजों के बाद प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया चर्चा में है। उन्होंने विपक्षी दलों के बीच समन्वय को लेकर तंज किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘संसद का सत्र चलने पर ही एकता दिखती है। सच है। उसके बाद तो हर कोई अपनी मर्ज़ी का मालिक होता है… सत्र के बाद एक बैठक होनी थी, पता नहीं वह हुई या नहीं? पश्चिम बंगाल के उपचुनाव में भी किसी साझा उम्मीदवार पर सहमति नहीं बन पाई। सच है।’
छात्र संघ चुनाव के आंकड़े बता रहे हैं कि एबीवीपी के मुकाबले में बाकी छात्र संगठन अगर एकजुट होते तो नतीजा अलग होता, जिस तरफ प्रियंका चतुर्वेदी ने इशारा किया और कहा कि विपक्ष की एकता संसद सत्र में तो दिखती है लेकिन चुनाव मैदान में सब अपनी मर्जी के मालिक होते हैं।
NSUI को नहीं मिली केंद्रीय पैनल में कोई सीट
2026 के DUSU चुनाव में NSUI चारों केंद्रीय पदों में से किसी पर जीत दर्ज नहीं कर सकी। अध्यक्ष पद पर उसके उम्मीदवार विजय शंकर मीणा दूसरे स्थान पर रहे, जबकि उपाध्यक्ष पद पर वीर छतरथ भी जीत हासिल नहीं कर सके।








